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In the writing competition, Digital Baal Mela is receiving articles from child writers from all over the country.

Send your articles for special days of the month of September. Shivaksh Sharma. Children are enthusiastically participating in the writing competition organized by Digital Baal Mela. Child writers are sending their articles to Baal Mela on different days of September. Child writer Tushar shared his views on Suicide Prevention Day, while child writer Khushi spoke […]

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बच्चों ने अपने वीडियो में उठाये ये मुद्दे 

चयनित बच्चे पहुंचे थे हिमाचल प्रदेश विधानसभा  गर्वित शर्मा  12 जून 2023 को अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के उपलक्ष्य में हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विशेष बाल सत्र का आयोजन किया गया | इस विशेष बाल सत्र में भाग लेने के लिए देशभर से 1108 बच्चों ने अपने अपने सुझाव वीडियो बनाकर डिजिटल बाल मेला

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Children, participated in “bacchon ki sarkar kesi ho?”

Click on the link to see what suggestions the children put in their entry…   Jaipur: On the occasion of International Child Labor Prohibition Day on June 12, under the aegis of the Himachal Pradesh Vidhansabha, a special assembly children’s session was organized by Digital Bal Mela. 68 selected children from all over the country

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लेखन प्रतियोगिता में डिजिटल बाल मेला को देश भर से मिल रहे बाल लेखकों के आर्टिकल। 

सितंबर महीने के विशेष दिनों के लिए भेजने हैं अपने आर्टिकल।  शिवाक्ष शर्मा। डिजिटल बाल मेला द्वारा आयोजित लेखन प्रतियोगिता में बच्चे बढ़ चढ़ कर भाग ले रहे हैं। सितंबर के विभिन्न दिवसों पर बाल लेखक अपने आर्टिकल बाल मेला को भेज रहे हैं। बाल लेखक तुषार ने आत्महत्या रोकथाम दिवस पर अपने विचार साझा

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रामनगर की वंशिका ने लोकतंत्र के महत्व पर रखी अपनी बात।

बताया है क्यों है इस दिन की आवश्यकता  बाल लेखिका वंशिका। अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस हर साल पूरी दुनिया में 15 सितंबर को मनाया जाता है । अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अस्तित्व का श्रेय लोकतंत्र के यूनिवर्सल घोषणा को जाता है ,जिसे 15 सितंबर 1997 को अंतर संसदीय संघ (IPU) के जरिए अपनाया गया था ।

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Issues raised under the campaign “Bacchon Ki Sarkaar Kaisi Ho?” 

Children gave important suggestions to the government, targeted on many subjects Shivaksh Sharma  Jaipur: Digital Children’s Fair under the aegis of Himachal Pradesh Legislative Assembly “How should the government of children be?” Campaign was organized. Under this campaign, on June 12, a children’s session was organized in the auditorium building of Himachal Pradesh Legislative Assembly,

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अजमेर के अच्युतम तिवारी ने हिंदी भाषा का बताया महत्व।

पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधे रखती है हिंदी बाल लेखक अच्युतम। “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल, बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटत न हिय के सूल’।” पहला हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 को मनाया गया था, जब भारत के प्रधान मंत्री ने इस दिन को हिंदी दिवस के रूप

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“हिंदी भाषा अंतर्राष्ट्रीय भाषा का दर्जा प्राप्त करने की राह पर” – यथार्थ

सोलन के यथार्थ टकोलर ने हिंदी दिवस पर रखी अपनी बात।  बाल लेखक यथार्थ।  हिंदी हमारी राजभाषा है। यह भाषा भारतीयों की पहचान है। हिंदी भाषा अपनी जननी संस्कृत से आयी है। यह भाषा भारतवासियों को एक दूसरे से जोड़ती हैं पर आज कल लोग अपनी मातृभाषा को छोड़कर दूसरी भाषा को बढ़ावा दे रहे

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रामनगर की वंशिका सिंह ने हिन्दी दिवस पर रखी अपनी बात। 

हिंदी दिवस को मानने का उद्देश्य यह है कि हिंदी भाषा की महत्वत्ता को समझना है। बाल लेखिका वंशिका। भारत में हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत की स्वतंत्रता के बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एकमत निर्णय लेकर हिंदी भाषा को भारत की राष्ट्रभाषा

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रामनगर की अंजली ने हिंदी दिवस के इतिहास पर डाला प्रकाश। 

14 सितंबर 1949 को हिंदी भारत की अधिकारिक भाषा घोषित की गई। बाल लेखिका अंजलि।  हिंदी दिवस पर मैं कुछ पंक्तियां कहना चाहूंगी। हिंदी से हिंदुस्तान है तभी तो यह देश महान है, हिंदी भाषा की उन्नति के लिए ,अपना सब कुछ कुर्बान है हिंदी दिवस के अवसर पर ,है देश हिंदी के मान में

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