हनुमानगढ़ जिले की इशिका, बाल भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा, ने हनुमानगढ़ की कला, संस्कृति, स्मारक और लोकतंत्र के बारे में जानकारी दी।

हनुमानगढ़ राजस्थान का वह जिला है जिसे उत्तर भारत की दो महान संस्कृतियों, राजस्थानी और पंजाबी संस्कृति का संगम कहा जाता है और जो प्राचीन सरस्वती नदी यानी घग्गर नदी के किनारे बसा हुआ है। यदि इसकी कला और संस्कृति की बात करें तो यहाँ राजस्थानी घूमर और कालबेलिया के साथ पंजाबी भांगड़ा और गिद्दा […]

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए अपने-अपने जिले की खास पहचान को सामने रखा।

भीलवाड़ा जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रतिभागियों ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले के प्रसिद्ध खान-पान और मिठाइयों, जैसे मक्कन बड़ा, को प्रस्तुत किया। साथ ही, पर्यटन स्थलों के मॉडल के जरिए भीलवाड़ा की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई। अपनी प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने भीलवाड़ा को ‘टेक्सटाइल सिटी’ के रूप

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए अपने-अपने जिले की खास पहचान को सामने रखा।

सलूंबर जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रतिभागियों ने अपनी स्टॉल के माध्यम से हाड़ी रानी के गौरवशाली इतिहास, स्थानीय कला एवं हस्तशिल्प तथा कृषि परंपराओं को आकर्षक मॉडलों के जरिए प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने सलूंबर की ऐतिहासिक विरासत और ग्रामीण जीवन की समृद्ध झलक दर्शकों तक पहुँचाई।

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“जोधपुर बाल महोत्सव” में शामिल होने के लिए क्या करना है?

राजस्थान के बच्चों के लिए बड़ा अवसर — अपने जिले की पहचान बनाएँ, राज्य और राष्ट्र स्तर पर जीतें ₹50,000 का नकद इनाम और 3 दिन जोधपुर घूमने का मौका। बस बतानी है अपने जिले की कोई नायब बात। डिजिटल बाल मेला 2026 का नया अभियान शुरू हो गया है। प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर से

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जयपुर बाल महोत्सव में राजस्थान के विभिन्न जिलों से आए बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए अपने-अपने जिले की खास पहचान को सामने रखा।

धौलपुर जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रतिभागियों ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले के पारंपरिक खान-पान, जैसे मूंग दाल का हलवा और दही-जलेबी, को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। साथ ही, पर्यटन स्थलों के मॉडल के जरिए जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया तथा यहां होने वाली प्रमुख फसलों और कृषि

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Union Tourism Minister Gajendra Singh Shekhawat will interact with children at the “Jodhpur Children’s Festival.”

December will witness a magnificent confluence of the state’s tourism, art, culture, and heritage conservation. Children and youth aged 12 to 18 can participate by sharing something special about their district and winning exciting prizes.

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करौली जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रतिभागियों ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले की प्रमुख विशेषताओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रमुख पर्यटन स्थलों के मॉडल बनाकर करौली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई, साथ ही जिले के पारंपरिक खान-पान से भी सभी को परिचित कराया।

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फलोदी जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रतिभागियों ने अपनी स्टॉल के माध्यम से जिले की प्रमुख विशेषताओं को प्रदर्शित किया। साथ ही, उन्होंने फलोदी को ‘सॉल्ट सिटी’ क्यों कहा जाता है, इसके पीछे की वजह और क्षेत्र की विशेषताओं से भी सभी को परिचित कराया।

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उदयपुर जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रतिभागियों ने अपनी स्टॉल के माध्यम से मिनिएचर पेंटिंग, पारंपरिक हस्तशिल्प और चाँदी के आभूषणों को प्रदर्शित किया। साथ ही, उदयपुर के शाही खान-पान और ‘झीलों की नगरी’ के रूप में प्रसिद्ध शहर की ऐतिहासिक विरासत को आकर्षक मॉडलों के जरिए प्रस्तुत किया।

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